ऊर्जा

 

ऊर्जा/Energy  :- कार्य करने की क्षमता ही ऊर्जा/Energy कहलाती है।

–        मात्रक :- जूल, कैलोरी, अर्ग (C.G.S.) 

          Kg. × \(\frac{mtr^2}{sec.^2}\) 

          1 cal. = 4.2 Joule

          1 Joule =  \(\frac{1}{4.2}\)cal.

–        विमा :- M1L2T-2

–        ऊर्जा एक अदिश राशि है।             

 

ऊर्जा के प्रकार/Types of Energy :-

Þ     सौर ऊर्जा/Solar Energy :-

–        पृथ्वी पर ऊर्जा का सबसे बड़ा अंतिम स्रोत सूर्य है जो सौर ऊर्जा के रूप में हमें ऊर्जा प्रदान करता है।

 

       

                                                            रासायनिक ऊर्जा

 

Þ     द्रव्यमानऊर्जा/Mass Energy :-

–        प्रत्येक वस्तु में उसके द्रव्यमान के कारण पाई जाने वाली ऊर्जा द्रव्यमान ऊर्जा कहलाती है।

–        आइंस्टीन ने ऊर्जाद्रव्यमान संबंध को निम्न समीकरण द्वारा समझाया :-

            E = m × c2

          m ® वस्तु का द्रव्यमान

          c ® निर्वात में प्रकाश का वेग (3 × 108 मी/से.)

 

         

Þ     नाभिकीय ऊर्जा/Nuclear Energy :-

–        दो छोटे नाभिकों से एक बड़े नाभिक का निर्माण (नाभिकीय संलयन/Nuclear fusion) या एक बड़े नाभिक के टूटने से छोटे नाभिकों का निर्माण (नाभिकीय विखंडन/Nuclear fission) होने पर अत्यधिक ऊर्जा मुक्त होती है, जिसे नाभिकीय ऊर्जा कहते हैं।

 

 Þ    ध्वनि ऊर्जा/Sound Energy :-

–        ध्वनि/sound किसी भी माध्यम में यांत्रिक तरंगों के रूप में गति करती है, इन तरंगों में पाई जाने वाली ऊर्जा ध्वनि ऊर्जा (Sound Energy) कहलाती है।

 

Þ     रासायनिक ऊर्जा/Chemical Energy :-

–        पदार्थों के रासायनिक गुणधर्मों के कारण उनमें पाई जाने वाली ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा कहलाती है।

 

 

 

 

Þ     प्रकाश ऊर्जा/light Energy :-

–        प्रकाश (दृश्य/visible) विद्युतचुंबकीय तरँगों (Electromagnetic waves) के रूप में गति करता है तथा इन तरंगों में पाई जाने वाली ऊर्जा ही प्रकाश ऊर्जा कहलाती है।

 

 

 

Þ     विद्युत ऊर्जा/Electric Energy :-

–        किसी धारावाही चालक तार के आसपास विद्युत क्षेत्र पाया जाता है, जिसमें रखे चालक वस्तु पर बल लगाता है, ऐसा विद्युत ऊर्जा/Electric Energy के कारण होता है।

 

Þ     यांत्रिक ऊर्जा/Mechanical Energy :-

–        यांत्रिक ऊर्जा 2 प्रकार निम्न है :-

1.      गतिज ऊर्जा/Kinetic Energy :- वस्तु की गति के कारण इसमें पाई जाने वाली ऊर्जा।

          गतिज ऊर्जा/K.E. = \(\frac{1}{2}\)mv2

 2.     स्थितिज ऊर्जा/Potential Energy :- वस्तु की स्थिति के कारण इसमें पाई जाने वाली ऊर्जा।

          स्थितिज ऊर्जा/P.E. = m × g × h

 

Þ     ऊष्मा ऊर्जा/heat Energy :-

–        पदार्थों में घर्षण होने या उनका दहन होने पर ऊष्मा ऊर्जा मुक्त होती है।



 

          ऊर्जा स्रोत/Sources of Energy :-

–        पारंपरिक/परंपरागत स्रोत :- लंबे समय से, बिना किसी विशेष तकनीक के प्रयोग में लाए जा रहे हैं।

          जैसे :- जीवाश्म ईंधन (fossil fuel), तापीय ऊर्जा, जलविद्युत(Hydro-Electricity)

–        गैर परंपरागत/वैकल्पिक स्रोत :- विशेष तकनीकी का प्रयोग कर विकसित किए गए साधन।

          जैसे :- सौर ऊर्जा, समुद्री ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, नाभिकीय ऊर्जा स्रोत

–        बायोमास/जैवमार

–        पवन चक्की (Wind Mills)

1.      पंरपरागत स्रोत :-

(A)   जीवाश्म ईंधन/fossi fuel :-

–        पेट्रोलियम पदार्थ, कोयला, खनिज आदि

–        विश्व में सबसे ज्यादा ऊर्जा की आपूर्ति इसी से।

–        इनके भण्डार/Resenoir सीमित हैं।

–        यह अत्यधिक प्रदुषण उत्पन्न करते हैं।

(B)   तापीय ईंधन/Thermal fuel :-

–        पदार्थों के दहन से मुक्त ऊष्मीय ऊर्जा से इंजन चलाकर, विद्युत उत्पादन कर ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति की जाती है।

(C)   जलविद्युत/Hydro-Electricity :-

–        बड़े बाँधों से जब गिरते हुए जल से टरबाईन में गति होती है तो विद्युत का उत्पादन होता है, इस रूप में जल विद्युत ऊर्जा का स्रोत है।

–        बड़े बाँधों का निर्माण परिस्थितिकी दृष्टिकोण से उपयुक्त नहीं होता, जल विद्युत के लिए बड़ी नदियों, ढाल युक्त क्षेत्रों का होना भी आवश्यक।

Note : परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के साथ तकनीक का प्रयोग कर पवन चक्की एवं गोबर गैस संयंत्रों का विकास किया गया है।

–        पवन चक्की में बहती हुई पवन की ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में बदला जाता है।

–        गोबर गैस में लगभग 75% मिथेन गैस/CH4 पाई जाती हैं। धुआँ रहित ज्वाला।

 

1.      गैर पंरपरागत/वैकल्पिक स्रोत :-

(A)   सौर ऊर्जा :-

–        सिलिकन, जर्मेनियम जैसे अर्धचालकों से निर्मित सोलर सेल/पैनल के द्वारा सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं।

–        यह स्वच्छ एवं नवीकरणीय (Renewable) स्रोत है।

–        खुला आकाश, तेज धूप इसके लिए अनिवार्य है।

–        इसकी प्रारंभिक लागत ज्यादा। 

(B)   समुद्री ऊर्जा :-

–        तेज गति से उत्पन्न लहरों से टरबाईन चलाकर, ज्वारभाटे के समय उत्पन्न लहरों से विद्युत उत्पादन किया जाता है।

(C)   भूतापीय ऊर्जा (Geo-thermal Energy):-

–        पृथ्वी के भूगर्भ में स्थित लावा के जमावों से निकलने वाली ऊष्मा ऊर्जा से टरबाईन चलाकर कर विद्युत उत्पन्न की जाती है।

(D)   परमाण्वीय ऊर्जा :-

–        नाभिक विखण्डन आधारित परमाणु संयंत्र/Nuclear Reactors में परमाण्वीय ऊर्जा की सहायता से विद्युत उत्पादन किया जाता है।

–        यह अनवीकरणीय स्रोत होने के साथ मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर ख़तरे उत्पन्न करता है।

 

          ऊर्जासंरक्षण/Energy Conservation :-

–        संपूर्ण ब्रह्माण्ड की कुल ऊर्जा नियत बनी रहती है।

–        ऊर्जा तो उत्पन्न की जा सकती है ना ही नष्ट की जा सकती है, इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदल सकते हैं।

 

 

                                                               

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