राजस्थान के भौतिक प्रदेश Rajasthan Geography By Madhusudan Sir

–        भौतिक प्रदेश का तात्पर्य :- स्थल मण्डल पर स्थत भौगोलिक उच्चावच (जैसे-पर्वत, पठार, मैदान, झील, नदियाँ), प्राकृतिक वनस्पति, वन, प्राकृतिक संसाधन आदि का किसी क्षेत्र विशेष के सन्दर्भ में अध्ययन भौतिक प्रदेश कहलाता हे।

–        भौतिक प्रदेश के विभाजन का आधार :-

1.   स्थल स्वरूप जैसे पर्वत, पठार, मैदान, मरुस्थल।

2.   भौगोलिक दशाएँ जैसे जलवायु, मृदा, प्राकृतिक वनस्पति वर्षा की मात्रा।

3.   विशिष्ट आर्थिक लक्षण जैसे खनिज संसाधन, ऊर्जा संसाधन, औद्योगिक क्षेत्र एवं विकास।

4.   कृषि एवं फसल प्रतिरूप।

5.   जनसंख्या वितरण, परिवहन के साधन इत्यादि।

राजस्थान के भौतिक प्रदेश :-

–        राजस्थान के भौतिक प्रदेशों का सर्वप्रथम वर्गीकरण 1967 में प्रो. वी.सी. मिश्रा ने अपनी पुस्तक ‘राजस्थान का भूगोल’ में किया। जिसका प्रकाशन 1968 में नेशनल बुक ट्रस्ट ने किया।

–        प्रो. वी.सी. मिश्रा ने स्थल स्वरूप, भौगोलिक दशा, कृषि तथा फसल प्रतिरूप, विशिष्ट आर्थिक लक्षण के आधार पर राजस्थान को सात भौगोलिक प्रदेशों में विभाजित किया।

1.   नहरी क्षेत्र- गंगानगर, हनुमानगढ़

2.   पश्चिमी शुष्क क्षेत्र- जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर

3.   अर्द्ध शुष्क क्षेत्र- जालोर, पाली, नागौर, सीकर, झुंझुनूं, चुरू

4.   अरावली प्रदेश- उदयपुर, डूंगरपुर, सिरोही

5.   पूर्वी कृषि, औद्योगिक प्रदेश- जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर, भरतपुर, टोंक, दौसा।

6.   दक्षिण-पूर्वी कृषि प्रदेश- कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बाँसवाड़ा।

7.   चम्बल बीहड़ प्रदेश- सवाईमाधोपुर, करौली, धौलपुर

–        सन‌ 1971 में डॉ. रामलोचन सिंह ने राजस्थान को तीन श्रेणियों में विभक्त किया-

1.   दो वृहद प्रदेश- अरावली पर्वतीय प्रदेश, दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश

2.   चार उप प्रदेश- पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी मरुस्थल, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मैदान

3.   बारह लघु प्रदेश

–        सन् 1994 में डॉ. हरिमोहन सक्सेना ने “राजस्थान का प्रादेशिक भूगोल” नामक पुस्तक में उच्चावच एवं भौगोलिक संरचना के आधार पर राजस्थान को चार भौतिक प्रदेशें में विभाजित किया गया-

1.   पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश (थार का मरुस्थल)

2.   अरावली पर्वतीय प्रदेश

3.   पूर्वी मैदान प्रदेश

4.   दक्षिण पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती का पठार)

–        उच्चावच का निर्धारण समुद्र तल (Sea level) से किया जाता है। भारत का समुद्र तल चैन्नई में स्थित है।

–        मैदान :- समुद्र तल से 300 मी. की ऊँचाई तक का उच्चावच।

–        पठार :- समुद्र तल से 300  से 600 मी. की ऊँचाई तक का उच्चावच।

–        पहाड़ी- समुद्र तल से 600  से 1800 मी. की ऊँचाई तक का उच्चावच।

–        पहाड़- समुद्र तल से 1800  से 2700 मी. की ऊँचाई तक का उच्चावच।

–        पर्वत- समुद्र तल से 2700  मी. से अधिक ऊँचाई तक का उच्चावच।

–        राजस्थान का उच्चावच प्रारूप के अनुसार भौगोलिक प्रदेश

–        51% मैदानी प्रदेश

–        31% उच्च पठारी प्रदेश

–        11% निम्न भूमि क्षेत्र

–        6% पर्वत श्रृंखला

–        1% उच्च पर्वत शिखर

 

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