पशु सम्पदा

पशुगणना:- प्रत्येक पाँच वर्ष बाद राज्य में पशुगणना राजस्व मडंल द्वारा की जाती रही है जबकि इस बार 20वीं पशुगणना का कार्य राजस्व मण्डल (अजमेर) व पशुपालन निदेशालय (जयपुर) द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी । प्रथम पशुगणना वर्ष 1919 में की गई। स्वतंत्रता के पश्चात् पहली पशुगणना वर्ष 1951 में की गई। 19वीं … Read more

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राजस्थान के पर्यावरणीय व पारिस्थितिकीय मुद्दें

–        पर्यावरण दो शब्दों परि + आवरण से मिलकर बना है जिसमें जैविक व अजैविक घटक पाये जाते हैं। –        Environment शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा के Environner (घिरा हुआ) शब्द से हुई है।   पर्यावरणीय समस्याएँ:- पर्यावरण का अवनयन –        मानव द्वारा अपने हितों की पूर्ति हेतु प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित, अंधाधुंध दोहन, कुप्रबन्धन … Read more

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मरुस्थलीकरण, सूखा एवं अकाल

मरुस्थलीकरण, सूखा एवं अकाल –  उपजाऊ एवं अमरुस्थलीय भूमि का क्रमिक रूप से शुष्क प्रदेश अथवा मरुस्थल में परिवर्तित हो जाने की प्रक्रिया ही मरुस्थलीकरण कहलाती है। –  मरुस्थलीकरण एक प्राकृतिक परिघटना है जो जलवायवीय परिवर्तन या दोषपूर्ण भूमि उपयोग के कारण होती है। –  यह क्रमबद्ध परिघटना है जिसमें मानव द्वारा भूमि उपयोग पर … Read more

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परिवहन

किसी व्यक्ति, वस्तु, संदेश को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने व ले जाने की प्रक्रिया परिवहन कहलाती है। परिवहन के प्रकार:- स्थल परिवहन जल परिवहन वायु परिवहन 1. स्थल परिवहन:- (i) सड़क परिवहन (ii) रेल परिवहन (iii) पाईप परिवहन 2. जल परिवहन:- (i) अन्तर्देशीय (ii) महासागरीय 3. वायु परिवहन:- (i) घरेलू वायु सेवा … Read more

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जैव विविधता

जैव विविधता – सामान्यत: रूप से जैव विविधता से अभिप्राय जीव मण्डल में पाये जाने वाले जीवों की विभिन्न जातियों की विविधता से हैं। – जैव विविधता शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम एर्डवर्ड ओ. विल्सन ने किया। – यह विविधता आनुवंशिक जाति एवं पारिस्थितिक तंत्र प्रकार की होती है, जो पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती … Read more

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