राजस्थान के भौतिक प्रदेश Rajasthan Geography By Madhusudan Sir

–        भौतिक प्रदेश का तात्पर्य :- स्थल मण्डल पर स्थत भौगोलिक उच्चावच (जैसे-पर्वत, पठार, मैदान, झील, नदियाँ), प्राकृतिक वनस्पति, वन, प्राकृतिक संसाधन आदि का किसी क्षेत्र विशेष के सन्दर्भ में अध्ययन भौतिक प्रदेश कहलाता हे। –        भौतिक प्रदेश के विभाजन का आधार :- 1.   स्थल स्वरूप जैसे पर्वत, पठार, मैदान, मरुस्थल। 2.   भौगोलिक दशाएँ जैसे … Read more

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मानव रोग Human disease

Dis + ease ¯ Dis = absence (अनुपस्थित) Ease = सामान्य/आरामदायक अवस्था पोषण विकार, संक्रमण के कारण, आनुवांशिक कारणों से, किसी अंग(organ) के क्षतिग्रस्त हो जाने से जब व्यक्ति सामान्य क्रियाएँ कर पाने में सक्षम न हो तो ऐसी अवस्था 'रोग' (Disease) कहलाती है। एक व्यक्ति के स्वस्थ होने को केवल राेगों की अनुपस्थिति से … Read more

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संजीवों का वर्गीकरण

संजीवों का वर्गीकरण विज्ञान की वह शाखा जिसके अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के जीव जन्तुओं का वर्गीकरण व नामकरण किया जाता है। – वर्गीकरण : वर्गिकी एवं वर्गीकरण विज्ञान निश्चित नियमों अथवा सिद्धांतों पर आधारित वर्गीकरण हैं। द्विनाम पद्धति : कैरोलस लीनियस द्वारा दी गई है पौधों व जीवों के दो नाम होते हैं।  पहला नाम … Read more

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मानव रोग

Dis + ease ¯ Dis = absence (अनुपस्थित) Ease = सामान्य/आरामदायक अवस्था पोषण विकार, संक्रमण के कारण, आनुवांशिक कारणों से, किसी अंग(organ) के क्षतिग्रस्त हो जाने से जब व्यक्ति सामान्य क्रियाएँ कर पाने में सक्षम न हो तो ऐसी अवस्था 'रोग' (Disease) कहलाती है। एक व्यक्ति के स्वस्थ होने को केवल राेगों की अनुपस्थिति से … Read more

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मानव शरीर परिसंचरण तंत्र Part 3

परिसंचरण परि – चारों ओर संचरण = पदार्थों की गति जीवों में पाया जाने वाला वह तंत्र/सिस्टम, जिसके द्वारा विभिन्न पोषक पदार्थों/Nutrients, उत्सर्जी पदार्थों/Excretory products, गैसों, हॉर्मोन्स, एंजाइम्स आदि का परिवहन (Transportation) किया जाता है, परिसंचरण तंत्र कहलाता है। जंतुओं में परिसंचरण तंत्र 2 प्रकार के हैं – (i)  खुला परिसंचरण तंत्र (Open circulatory system) … Read more

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मानव शरीर परिसंचरण तंत्र

दायाँ निलय – – मोटी भित्ति एवं कम आयतन वाला कोष्ठ जो दाएँ आलिन्द से अशुद्ध रक्त प्राप्त करता है। – यहाँ से अशुद्ध रक्त पल्मोनरी धमनी के द्वारा फेफड़ों तक पहुँचता है, जहाँ इसका ऑक्सीजनीकरण होता है। बायाँ आलिन्द – – ये पल्मोनरी शिराओं के द्वारा फेफड़ों से ऑक्सीजनित रक्त प्राप्त करता है। – … Read more

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मानव शरीर परिसंचरण तंत्र

E.C.G. (इलेक्ट्रोकाड्रियोग्राफी) – इसकी खोज 'एंथोवेन' नामक वैज्ञानिक ने की थी, इसलिए इन्हें 1924 में नोबेल पुरस्कार मिला। – E.C.G. को सर्वप्रथम 'वॉलेर' ने रिकॉर्ड किया। – हृदय की क्रियाविधि की जाँच के लिए E.C.G. का प्रयोग किया जाता है। – ECG में हृदय धड़कन के दौरान उत्पन्न तरंगों को आरेख के रूप में दर्शाया … Read more

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मानव पाचन तंत्र

  मानव पाचन तंत्र आहारनाल के विभिन्न भाग:- मनुष्य की आहारनाल में मुख गुहा से गुदा/Anus तक कई संरचनाऐं पाई जाती हैं, जो कि क्रमानुसार इस प्रकार है- मुख गुहा (Oral Cavity) दाँत (Teeth) जिह्वा (Tongue) ग्रसनी (Pharynx) ग्रासनलिका (Food pipe/Oesophagus) आमाशय (Stomach) छोटी आँत (Small intestine) ड्यूडीनम (D) जेजुनम (J) इलियम (I) बड़ी आँत … Read more

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श्वसन तंत्र

संवातन:- गैसों को शरीर के अंदर लेना तथा शरीर से बाहर छोड़ना संवातन कहलाता है। संवातन एक भौतिक प्रक्रम है, न कि रासायनिक प्रक्रम है। सामान्य संवातन की प्रक्रिया 12-16 बार प्रतिमिनट होती है। कठिन परिश्रम करते समय संवातन की प्रक्रिया 25 बार प्रतिमिनट होती है। सोते हुए व्यक्ति में संवातन 10 बार प्रतिमिनट होता … Read more

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उत्सर्जन तंत्र (Excretory System)

उत्सर्जन तंत्र (Excretory System) नाइट्रोजन युक्त अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर त्यागना उत्सर्जन कहलाता है। नाइट्रोजन युक्त पदार्थ जैसे प्रोटीन, अमीनो अम्ल आदि से नाइट्रोजनी भाग (NH2/अमीनो समूह) को यकृत में पृथक कर लिया है, इस क्रिया को विऐमीनीकरण (deamination) कहते हैं। नाइट्रोजनी अपशिष्ट पदार्थों में वृक्क (kidney) द्वारा उत्सर्जित किया जाता है। उत्सर्जन … Read more

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